Nepal: नेपाल की पुलिस ने शनिवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक (Ramesh Lekhak) को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी पिछले साल हुए Gen-Z प्रोटेस्ट के मामले में हुई है, जिसमें हिंसा और बड़ी तबाही हुई थी।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
पुलिस ने बताया कि ओली को भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके घर से सुबह पकड़ा गया, जबकि रमेश लेखक को लगभग 5 बजे सूर्यविनायक से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नेताओं को मेडिकल जांच के बाद आर्म्ड पुलिस फोर्स, महाराजगंज बटालियन नंबर-2 में शिफ्ट किया जाएगा।
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अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल जांच पूरी होते ही दोनों नेताओं को बटालियन में रखा जाएगा। यह कदम जारी कस्टडी प्रक्रिया के तहत उठाया गया है।
गिरफ्तारी से पहले कैबिनेट बैठक
पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता में गठित आयोग ने जांच रिपोर्ट में कहा था कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर लापरवाही हुई। अधिकारियों ने चेतावनी के बावजूद सही कदम नहीं उठाए, जिससे हालात बिगड़े और कई लोगों की मौत हुई।
गिरफ्तारी से पहले प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया।
गौरी बहादुर कार्की आयोग की प्रमुख मांगें
- तत्कालीन प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और पुलिस प्रमुख के खिलाफ क्रिमिनल जांच।
- गोलीबारी और हिंसा रोकने में नाकामी के लिए कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई।
- 9 सितंबर की आगजनी और लूटपाट की गहन जांच।
- CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूत के इस्तेमाल से जांच।
- बहादुर पुलिसकर्मियों और लोगों को सम्मान।
Gen-Z प्रदर्शन का इतिहास
नेपाल में 8 सितंबर 2025 को सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ Gen-Z प्रदर्शन शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी ‘ऑफिस सिंह’ दरबार को आग के हवाले कर दिया, जिसमें पीएम ऑफिस भी शामिल था।

हिंसा बढ़ने पर काठमांडू समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगा, संसद ठप हो गई और प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देना पड़ा। प्रदर्शनकारी गुस्से में पूर्व पीएम और कई मंत्रियों पर भी हिंसा करने लगे।






