West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन राजनीतिक तनाव उस वक्त बढ़ गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद मिताली बैग की कार पर कथित तौर पर हमला हुआ। यह घटना सोमवार को गोगहाट इलाके में उस समय हुई, जब वह अभिषेक बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए जा रही थीं।
क्या हुआ घटनास्थल पर?
मिताली बाग ने आरोप लगाया कि जैसे ही उनकी गाड़ी भाजपा उम्मीदवारप्रशांत दिगर के चुनाव कार्यालय के पास से गुजरी, वहां मौजूद कुछ लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। उनके मुताबिक, हमलावरों के हाथ में लाठियां भी थीं और उन्होंने रास्ता रोककर उनकी कार को निशाना बनाया।
Amit Shah threatened our leaders and party workers that anyone who steps out of their house would be hung upside down. Today, that threat was acted upon.
Our MP, Smt. Mitali Bag, an elected female representative from the Scheduled Caste community, was brutally and dastardly… pic.twitter.com/s91bmmrhw3
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 27, 2026
इस हमले में कार के शीशे टूट गए और बाग के साथ-साथ उनके ड्राइवर को भी चोटें आईं। दोनों को तुरंत आरामबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मिताली बाग ने फेसबुक लाइव के जरिए अपनी आपबीती साझा की और भावुक होकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा, “मेरी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए, किसी तरह मैं अपनी जान बचाकर निकल पाई।”
TMC का आरोप-सुनियोजित हमला
TMC ने इस घटना को सुनियोजित राजनीतिक हमला बताया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर सांसद को निशाना बनाया। TMC नेताओं ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
BJP का पलटवार-“ड्रामा रचा गया”
वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि मिताली बाग पर कोई हमला नहीं हुआ, बल्कि TMC समर्थकों ने ही भाजपा कार्यालय पर हमला किया और कई कार्यकर्ताओं को घायल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि “सहानुभूति हासिल करने और सच्चाई से ध्यान भटकाने के लिए यह पूरा ड्रामा रचा गया है।”
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) कार्यालय ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और मिताली बाग के फेसबुक लाइव वीडियो की जांच की जा रही है। साथ ही, इलाके में केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
सियासी घमासान तेज
चुनाव प्रचार के खत्म होते ही इस घटना ने राज्य की सियासत को और गरमा दिया है। TMC और भाजपा दोनों ही एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब सबकी नजर चुनाव आयोग की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि आखिर सच क्या है।
इस बीच, हुगली की यह घटना चुनावी हिंसा और राजनीतिक तनाव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है।






