Trump Ultimatum to Iran: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने ईरान को सख्त अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर सैन्य कार्रवाई करेगा।
ट्रम्प ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, “अगर ईरान तय समय में होर्मुज नहीं खोलता, तो हम उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाएंगे। कार्रवाई की शुरुआत सबसे बड़े पावर प्लांट से होगी।”
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ईरान का जवाब—‘ऊर्जा ठिकानों पर सीधा हमला होगा’
अमेरिकी चेतावनी के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल कमांड (Khatam al-Anbiya Central Command) के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाघारी (Ibrahim Zulfaghari) ने कहा कि अगर ईरान के पावर प्लांट पर हमला होता है, तो जवाब में मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि डिसेलिनेशन प्लांट (समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट) और IT इंफ्रास्ट्रक्चर भी हमले के दायरे में होंगे।
डिमोना पर मिसाइल हमला, 20 घायल
तनाव के बीच ईरान ने शनिवार रात इजराइल के दक्षिणी शहर डिमोना पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में करीब 20 लोग घायल हुए। डिमोना को इजराइल के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़ा अहम केंद्र माना जाता है।
https://x.com/BRICSinfo/status/2035408923755209212?
मोदी से बातचीत, BRICS से दखल की अपील
ईरान के राष्ट्रपति मसूज पजशकियान (Masoud Pezeshkian) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से फोन पर बात की। उन्होंने BRICS देशों से अपील की कि वे ईरान पर हो रहे हमलों को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही सुझाव दिया कि मिडिल ईस्ट के देश मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करें, ताकि बाहरी हस्तक्षेप कम हो सके।
सऊदी अरब पर 60 ड्रोन, सभी मार गिराए गए
पिछले 24 घंटों में ईरान ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) पर करीब 60 ड्रोन दागे, जिन्हें एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। हमलों का फोकस सऊदी अरब का पूर्वी प्रांत रहा, जहां तेल प्रोसेसिंग प्लांट और निर्यात टर्मिनल जैसे अहम ऊर्जा केंद्र मौजूद हैं।
G7 देशों की चेतावनी—ऊर्जा सप्लाई पर नजर
G7 देशों और यूरोपीय संघ ने कहा है कि वे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को तैयार हैं। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। साथ ही इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के 32 सदस्य देशों द्वारा 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने की योजना का भी जिक्र किया गया, ताकि कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां से गुजरने वाली सप्लाई पर असर पड़ा, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब और गंभीर होता जा रहा है। एक तरफ अल्टीमेटम, दूसरी तरफ पलटवार की चेतावनी- मिडिल ईस्ट में हालात किसी बड़े संघर्ष की ओर इशारा कर रहे हैं।






