WB Elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने राज्य में 4,660 नए सहायक मतदान केंद्र(Auxiliary Polling Stations) बनाने की मंजूरी दी है, जिससे वोटिंग प्रक्रिया को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।
मतदान केंद्रों की संख्या 85 हजार के पार
इन नए केंद्रों के जुड़ने के बाद पश्चिम बंगाल में कुल मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 85,379 हो गई है। यह कदम खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए अहम है, जहां एक ही पोलिंग स्टेशन पर 1,200 से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। नए केंद्र बनने से भीड़ कम होगी और वोटिंग में लगने वाला समय भी घटेगा।
321 मतदान केंद्रों का स्थान बदला जाएगा
चुनाव आयोग ने 321 मौजूदा मतदान केंद्रों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की भी अनुमति दी है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को बेहतर पहुंच और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जिन मतदान केंद्रों का स्थान बदला जाएगा, वहां के प्रत्येक मतदाता को व्यक्तिगत रूप से इसकी सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
नियमों के पालन पर आयोग सख्त
आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नए सहायक मतदान केंद्र स्थापित करते समय ‘मतदान केंद्रों पर नियमावली, 2020’ के पैरा 4.2.2 का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुसार ही सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी जानकारी
चुनाव आयोग ने कहा है कि नए मतदान केंद्रों और उनके स्थानांतरण की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाएगी। इसके साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी लिखित रूप में सूचित करना अनिवार्य होगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
पारदर्शी और सुचारू चुनाव की तैयारी
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी समय रहते साझा की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
मतदाताओं को मिलेगा सीधा फायदा
इस फैसले से आम मतदाताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। नए सहायक मतदान केंद्रों के बनने से पहले जहां लंबी कतारों में खड़े रहकर वोट डालना पड़ता था, अब उस समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। मतदान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित होगी, जिससे लोगों का समय भी बचेगा। साथ ही, बेहतर व्यवस्था और आसान पहुंच के कारण अधिक से अधिक मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। कुल मिलाकर, यह पहल मतदाता भागीदारी बढ़ाने और चुनाव प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
दो चरणों में होगा मतदान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके बाद सभी सीटों के लिए मतगणना 4 मई को की जाएगी, जिस दिन चुनाव परिणाम घोषित होंगे।








