Iran-US 30 Day Deal: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अब 30 दिन के अस्थायी समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश संघर्ष रोकने और हॉर्मुज स्ट्रेट को व्यावसायिक जहाजों के लिए दोबारा खोलने पर चर्चा कर रहे हैं।
अमेरिकी अखबार The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, यह एक पेज का शुरुआती फ्रेमवर्क है, जिसके तहत दोनों पक्ष 30 दिनों तक सैन्य कार्रवाई रोकेंगे और इसी दौरान स्थायी समझौते पर बातचीत जारी रखेंगे।
रिपोर्ट में तीन वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि बातचीत का सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम का भंडार है। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान पहले ही इस पर स्पष्ट प्रतिबद्धता दे।
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे, तीन परमाणु सुविधाएं बंद करे और 20 साल तक यूरेनियम डेवलपमेंट रोक दे। वहीं, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह अपने यूरेनियम भंडार का कुछ हिस्सा कमजोर करेगा और बाकी किसी तीसरे देश, संभवतः रशिया को सौंप देगा।
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रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान 10 से 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने को तैयार है, लेकिन तीन परमाणु सुविधाओं के भविष्य पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।
अस्थायी समझौते में तीन अहम कदम शामिल बताए जा रहे हैं
- ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाना।
- होर्मुज स्ट्रेट को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलना।
- सीजफायर के तहत सैन्य कार्रवाई रोकना।
इसके अलावा, प्रतिबंधों में राहत, विदेशों में जमी ईरानी संपत्तियां और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य जैसे मुद्दों पर अगले 30 दिनों में चर्चा जारी रहेगी।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम ईरानियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। हमने अपने तीन डिस्ट्रॉयर बेहद संवेदनशील इलाके से गुजारे और उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। हमने उनकी कई छोटी नावों को डुबो दिया। हम ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देंगे और वे इस बात से सहमत हो गए हैं। अब देखना है कि क्या वे इस पर हस्ताक्षर करते हैं।”
#WATCH | On Iran, US President Donald Trump says, “We are negotiating with the Iranians. We took our 3 destroyers and rammed them through some huge stuff today, but the destroyers were not hurt in any way… We knocked the hell out of them and took down a lot of small boats…”… pic.twitter.com/NWDmpxBpqS
— ANI (@ANI) May 8, 2026
अगर यह अस्थायी समझौता सफल रहता है, तो इससे न सिर्फ मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार को भी बड़ी राहत मिलेगी। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देश 30 दिन के सीजफायर को स्थायी समझौते में बदल पाएंगे।
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